अल्लाह तआला अर्रज़्जाक़ है..

 अल्लाह तआला अर्रज़्जाक़ है..

अल्लाह तआला अर्रज़्जाक़ है..

बेशक अल्लाह तआला अर्रज़्जाक़ है.. {बेशक अल्लाह तो खुद रोज़ी देने वाला,ताक़त वाला और बलवान है“।}[अज़्ज़ारियातः 58].

”अर्रज़्जाक़“

जिस के हाथ में मखलूक़ की रोज़ी और उन की जीविका है,वह अल्लाह तआला ही की ज़ात है जो जिसे चाहे अधिक जीविका देती है,उसी के हाथ में मामलों का उपाय और आकाश एवं धरती की कुंजियाँ हैं,

{और धरती पर चलते फिरते जितने भी जानदार हैं सभी की रोज़ी अल्लाह पर है,वही उन के रहने की जगह भी जानता है और उन को सौंपे जाने की जगह भी“।}[हूदः 6].

और अल्लाह तआला ने फरमायाः {और बहुत से जानवर हैं जो अपने रिज़्क़ लादे नहीं फिरते,उन सब को और तुम्हें भी अल्लाह तआला ही रोज़ी अता करता है,और वह सुनने जानने वाला है“।}[अल अनकबूतः 60].

और अल्लाह तआला ने फरमायाः {बेशक तेरा रब जिस के लिये चाहे रोज़ी का विस्तार कर देता है और जिस के लिये चाहे तंग कर देता है,बेशक वह अपने बंदों से बाखबर है और अच्छी तरह से देखने वाला है“।}
[अल इस्राः 30].

और अल्लाह तआला ने फरमायाः {अल्लाह जिसे चाहता है बेशुमार अता करता है“।}[अल बक़राः 212].

”अर्रज़्जाक़“

सब लोग अल्लाह तआला और उस की जीविका के मुहताज हैं,वह सब लोगों को जीविका देता है चाहे वे अच्छे हों या बुरे,पहले आने वालों में से हों या बाद में।

”अर्रज़्जाक़“

अल्लाह तआला हर उस व्यक्ति को रोज़ी देता है जो सच्चे दिल से उस की ओर मुतवज्जेह हो,और दिलों का ठीक ठाक होना,महत्वपूर्ण जीविका और पूर्ण नेमत है,और जो ज्ञान और विश्वास के साथ माँगता है उसे अल्लाह तआला हलाल रोज़ी देता है,जो दिलों के सूधार पर सहायक होती है और हर उस व्यक्ति को दीनी सुधार प्रदान करता है जो उस से दीनी सुधार माँगे।

बेशक अल्लाह तआला अर्रज़्जाक़ है..



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