अल्लाह तआला अल फŸााह है..

 अल्लाह तआला अल फŸााह है..

अल्लाह तआला अल फŸााह है..

अल्लाह तआला अल फŸााह है..

{और वह फैसला करने वाला सब कुछ जानने वाला है“।}[सबाः 26].

” अल फŸााह“

वह हमारे ऊपर अपनी दया के द्वार खोलता है..

{अल्लाह जो दया लोगों के लिये खोलता है तो उस का कोई बंद करने वाला नहीं“।}[फातिरः 2].

”अल फŸााह“

अल्लाह तआला ने हम पर और आप पर अपनी बरकतों के द्वार खोल दिये हैं... और हमें अपने करम और उपकारों को अता किया है... और हम पर क्षमा और उपहारों की वर्षा की है।

अल्लाह तआला बंद दिलों को हिदायत और ईमान की कुंजी से खोल देता है।

”अल फŸााह“

अल्लाह तआला करम के द्वार खोल कर सैराब करता है,और अधिकतर नेमतों की वर्षा करता है,और उन के लिये ज्ञान की रोशनी प्रकट करता है और उन की बुद्वियों के लिये हिकमत प्रदान करके उसे संवारता है,और उन के दिलों को ईमान के लिये खोल देता है फिर उन्हें सत्य मार्ग पर चलाता है।

”अल फŸााह“

जो अपने बंदों से ग़म को दूर करता है, और उन्हें हर संकट से मुक्ति देता है,और उन के हर नुक़्सान को दूर करता है।

”अल फŸााह“

वह प्रलोक में अपने बंदो पर न्याय करेगा,और वह अभिभावक (सरपरस्त) है अथवा प्रशंसा के योग्य है।

बेशक अल्लाह तआला अल फŸााह है..

”अल फŸााह“ जो अपने बंदों को शरई अह्काम,तक़्दीर के फैसले और जज़ा और सज़ा के अह्काम के ज़रिये नियंन्नित करता है,जिस ने अपने करम से सच्चों की आँखें खोल दी हैं,और उन के दिलों को अपनी मारफत,मुहब्बत और अपनी ओर लौटने के लिये खोल दिया है,और उस ने अपने बंदोें के लिये दया और अनेक प्रकार की जीविका के द्वार खोल दिये हैं।

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